० सर्वप्रथम तीर्थदेवताओं को नमस्कार करें।
वहाँ स्नान करें।
० शिखा हेतु मुण्डन करवाने से पूर्व दाहिने हाथ को मस्तक पर रखकर बोलें-
"आत्मनः शुद्धिकामोहं पितृणां तृप्तिहेतवे।
वपनं कारयिष्यामि तीर्थेहं तव जाह्नवि/नर्मदा।।"
० तत्पश्चात मुण्डन करवाएँ और गौमाता के खुर जितनी मोटी शिखा रखें। (शिखा रखते समय शिखा का झुकाव दाहिने कान की ओर रखें)

0 comments:
Post a Comment